किस तरह के होते है उनका सचित्र वर्णन यहाँ दिया गया है l हस्त -शास्त्र के बारे में अभी तक छिपे हुए तथ्यों को लेखक ने इस पुस्तक के माध्यम से व्यक्त किया है l
वही उसका जन्म नक्षत्र मान लिया जाता है तथा वह नक्षत्र पूर्ण रूप से भी आंशिक रूप से जिस राशि के अंतर्गत आता है
प्राचीन विद्वान् मनीषियों ने ग्रह बल के छः स्रोत माने हैं जिन्हें षडबल कहा जाता है। ये निम्न प्रकार हैं-
ज्योतिष में एक प्रश्न -फलादेश का भी विषय है
इसी उद्देश्य को दृष्टिकोण में रखते हुए प्रस्तुत पुस्तक का संकलन किया गया है l इसमें पौर्वार्त्य एवं पाश्चात्य दोनों मतों का सम्यक प्रकारेण समावेश करते हुए जनसाधारण की समझ में आने वाली सरल एवं सुबोधगम्य भाषा का प्रयोग किया गया है l
Bhrigu Nandi Nadi [English] Star Print-O-Bind किस तरह के होते हैBHRIGU NANDI NADI (English) Author RG Rao An ancient form of astrology practised in southern India, Nadi Astrology is based on the belief that the past, present and the future lives of all humans were foreseen and recorded on palm leaves by Hindu sages in ancient time. A very ancient form of astrology, whose origins began in Southern India, Nadi Astrology is based on an old age belief that the one can decipher the past, present and future of all